Articles discussing जैन परम्परा
परमसुख की साधनाः विपश्यना: कन्हैयालालजी लोढ़ा
Sagarmal Jain · Sambodhi, 2012
प्राकृत भाषा में उद्वृत्त स्वरके स्थान पर 'य' श्रुति की यथार्थता
K. R. Chandra · Sambodhi, 1990
आचार्य पूज्यपाद का लक्षण और व्युत्पत्तिपरक दृष्टिकोण
डां. रमेशचन्द जन · Jain Vidya, 1991
करकंडचरिउ और पद्मावत का शिल्प-विधान
डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 1988