Articles discussing आचार्य अकलंक
तत्त्वार्थराजवार्तिक और कर्मबन्ध के प्रत्यय
डॉ. (श्रीमती) कुसुम पटोरिया · Jain Vidya, 1999
“आचार्य अकलंक ने राजवार्तिक में इस विषय का जो विवेचन किया है, उसका विमर्श इस लेख का प्रतिपाद्य है।”
आचार्य श्री प्रभाचन्द्र का व्यक्तित्व और कर्तृत्व
डॉ. गुलाबचन्द जैन · Jain Vidya, 2010
भगवती सूत्र में परमाणु
Om Prakash · Jnana Desana, 2010
संपादकीय
Jain Vidya, 1996