Articles discussing वीरसेन
भट्टारक वीरसेन और उनका समय
श्री रमाकान्त जैन · Jain Vidya, 1993
“ऊपर उल्लिखित इन श्लोकों में जिन वीरसेन स्वामी का सादर गुणगान उनके समवर्ती आचार्य जिनसेन सूरि पुन्नाट और आचार्य विद्यानन्द तथा उनके शिष्य आचार्य जिनसेन द्वारा किया गया है”
सिद्धान्त-शास्त्र-मर्मज्ञ नेमीचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती
आचार्य राजकुमार जैन, नेमीचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती, दिगम्बराचार्य नेमीचनद्र सिद्धान्तचक्रवर्ती, अजितसेनाचार्य, आचार्य अभयनन्दी, वीरनन्दी, इन््रनन्दी · Jain Vidya, 1997
जिनशासन के प्रभावक आचार्य अकलंक
श्री रमाकान्त जैन · Jain Vidya, 1999
कलि-कालिदास : पं. आशाधर
डॉ. जैनमति जैन, पं. कैलाशचन्द शास्त्री, पं. नाथूराम प्रेमी, पं. प्रेमचन्द डोणगांवकर · Jain Vidya, 2001