Articles discussing डॉ. राधाकृष्णन्
लोकतंत्र की मर्यादाएं
Jain Bharati, 2001
“डॉ. राधाकृष्णन् ने कहा था--“आज का लोकतंत्र भगवान महावीर के अनेकांत दर्शन का फलित है।'”
वेदांत, विज्ञान और सत्याग्रह
प्रो. सिद्धेश्वर प्रसाद · Jain Bharati, 2000
आत्मतत्त्व : एक समन्वयात्मक विमर्श
सन्तोष आचार्य · Jain Bharati, 2001