SAAryan CultureSambodhiVol. 39OpenSambodhiप्राकृत की कुछ दुर्लभ पाण्डुलिपियाँBy Phoolchand Jain Premiभोजलीलाल लोढ़ेरचन्द भारतीय विद्या संस्थान के हस्तलिखित संग्रहालय की यह अध्ययनात्मक लेख पाण्डुलिपियों की विरलता और महत्व को रेखांकित करता है। लेखक बताता है कि संस्थान ने पिछले कई दशकों में प्राकृत,…2015Vol. 39pp. 43–49Rare Prakrit ManuscriptsPrakrit Language TextsAncient Jain Manuscripts+2