Articles discussing भरतपुर
पथ प्रदर्शक - महाराजा सूरजमल
Tanuja Singh · Sambodhi, 2009
“कूटनीति में वे मुगलों और मराठों से आगे थे। अपने पिता बदनसिंह के जीवकाल में ही आपने सर्वप्रथम साहसपूर्ण कार्यों में भरतपुर किले पर ई. स. १७३२ में अधिकार किया था। उस समय यह किला मिट्टी से बना छोटा सा था। उन्होंने इसे एक विशाल और सुदृढ़ किले में परिणित किया व किले के आसपास शहर बसाया।”
इस अंक के सहयोगी रचनाकार
डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. गदाधर सिंह, डॉ. झादित्य प्रचण्डया 'बीति', डॉ. गंगाराम गग, डॉ. जयकुमार जैन, डॉ. दैवेन्दकुमार शास्त्री, डॉ. बरत सुरिदेव, भौ घौय · Jain Vidya, 1987
“डॉ. गंगाराम गग--एम. ए. पीएच. રી., રી. लिट्. हेतु शोधरत । प्रवक्ता, हिन्दी विभाग, महारानी श्री जया कॉलेज, भरतपुर । इस झंक में प्रकाशित निबन्ध-सुदसण-चरिउ में श्रलंकार योजना”
Rajasthan ki Lok Chitrakala
Tanuja Singh · Sambodhi, 2007
जैनविद्या संस्थान, श्रीमहावीरजी
Jain Vidya, 1985