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डॉ. कमलचन्द सोगाणी

15 articles1985–20131 publication

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Articles

Jain Vidya

परिणामादो बंधो मुक्खो

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

April - 2013 - 2014
Jain Vidya

धम्मो दयाविसुद्धो

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

April - 2013 - 2014
Jain Vidya

सम्पादकीय

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

April - 2013 - 2014
Jain Vidya

प्रवचनसार में शुद्धोपयोग की महिमा एवं उस संबंधी गाथाओं का व्याकरणिक विश्लेषण

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

April - 1990
Jain Vidya

इस अंक के सहयोगी रचनाकार

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. गदाधर सिंह, रीं० (श्रीमती) पुष्पलता जैन, वं. भंवरलाल पोतयाका, डं ० भागचन्द (भास्करः, डॉ. महेन्द्रसाग, डॉ. आदित्य प्रचण्डिया 'दीप्ति'

November -1988
Jain Vidya

हेमचन्द्र-प्राकृत-व्याकरण

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

November -1988
Jain Vidya

भ्रारंभिक

By प्रो. प्रवीणचन्द्र जैन, पं. भंवरलाल पोल्याका, डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. गोपीचन्द्र पाटनी, सुश्री प्रीति जैन

November -1988
Jain Vidya

इस अंक के सहयोगी रचनाकार

By डॉ. छोटेलाल शर्मा, डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. (श्रीमती) भरलका प्रचण्डिया, डॉ. कपूरचन्द जैन, डॉ. (श्रीमती) ज्योति जैन, डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन

March - 1988
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हेमचन्द्र-अपभ्रन्श-व्याकरण सूत्र-विवेचन

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

March - 1988
Jain Vidya

इस अंक के सहयोगी रचनाकार

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. गदाधर सिंह, डॉ. झादित्य प्रचण्डया 'बीति', डॉ. गंगाराम गग, डॉ. जयकुमार जैन, डॉ. दैवेन्दकुमार शास्त्री, डॉ. बरत सुरिदेव, भौ घौय

October - 1987
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हेमचन्द्र-अपभ्रन्श-व्याकरण सूत्र-विवेचन

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

October - 1987
Jain Vidya

सुदंसणचरिउ के मूल्यात्मक प्रसंग - एक व्याकरणिक विश्लेषण

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

October - 1987
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जंबसामिचरिउ के मंगल-प्रसंग एक व्याकरणिक विश्लेषण

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

April - 1987
Jain Vidya

इस अंक के सहयोगी रचनाकार

By डॉ. गजानन नरसिंह साठे, जवाहरलाल जैन, नेसीखंद पटोरिया, डॉ० प्रेमचंद रांवका, डॉ. कमलचन्द सोगाणी, डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन, डॉ. कस्तूरचन्द्र 'सुमन'

November 1985
Jain Vidya

रायक्मारचरिउ में प्रतिपादित जीवनमूल्य

By डॉ. कमलचन्द सोगाणी

November 1985