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विद्यावाचस्पति डॉ. श्रीरंजनसूरिदेव

3 articles1996–19991 publication

Articles

Jain Vidya

आचार्य अकलंकदेव और उनका नय-विवेचन

By विद्यावाचस्पति डॉ. श्रीरंजनसूरिदेव

April - 1999 - 2000
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सिद्धान्तचक्रवर्ती के 'गोम्मटसार' का कर्मकाण्ड : कर्मसिद्धान्त का प्रामाणिक सन्दर्भ

By विद्यावाचस्पति डॉ. श्रीरंजनसूरिदेव, आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती

April - 1997 - 1998
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युक्त्यनुशासन और आचार्य समन्तभद्र

By विद्यावाचस्पति डॉ. श्रीरंजनसूरिदेव

April - 1996