Articles discussing महाकवि धनपाल
कहाकवि धनपाल का काव्य प्रतिमा
डॉ० योगेच््रनाथ शर्मा · Jain Vidya, 1986
भविसयत्तकहा में युग और समाज के संदर्भ
डं° रामगोपाल शर्मा “दिनेश · Jain Vidya, 1986
“महाकवि धनपाल की एक महत्त्वपूर्ण प्रबन्ध-कृति है । सन् 1918 ई. મે एच. याकोबी द्वारा जनी से प्रौर भारत में सन् 1923 ई. में बड़ौदा से इसका प्रकाशन हप्र था”
महाकवि धनपाल व्यक्तित्व एवं कृतित्व
प्रकाशकीय
Jain Vidya, 1987
“इससे पूवं चार विशेषांक पाठकों तक पहुंच चुके हैं--1. महाकवि સ્વયમ્ विशेषांक, 2. महाकवि पुष्पदस्त विशेषांक,. खण्ड एक 3. महाकवि पुष्पदन्त विशेषांक, खण्ड दो तथा 4. महाकवि धनपाल विशेषांक”