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भविसयत्तकहा

12 articles in the archive discuss भविसयत्तकहा, from Jain Vidya (1986–1986). Open any article for its summary, citation and original PDF.

12 articles

Articles discussing भविसयत्तकहा

  1. भविसयत्तकहा का साहित्यिक महत्त्व

    Jain Vidya, 1986

  2. कहाकवि धनपाल का काव्य प्रतिमा

    डॉ० योगेच््रनाथ शर्मा · Jain Vidya, 1986

    “'भविसयत्तकहा'” के कथाकार धनपाल ने भी श्रपनी इस कृति में श्रपने विषय में लिखा है- घक्कडवरिवंसि माएसरहो समुभ्भविरण”
  3. भविसयत्तकहा का धार्मिक परिवेश

    श्री भीयांशकुमार सिघई · Jain Vidya, 1986

  4. अपभ्रंश का शिखर महाकाव्य भविसयत्तकहा

    डॉ० शरीरंजन सूरिदेव, धनपाल · Jain Vidya, 1986

  5. भविसयत्तकहा का कथारूप

    Jain Vidya, 1986

  6. भेंट कवि धनपाल से

    नेमीचंद पटोरिया · Jain Vidya, 1986

  7. भविसयत्तकहा में युग और समाज के संदर्भ

    डं° रामगोपाल शर्मा “दिनेश · Jain Vidya, 1986

  8. भविसयत्तकहा में नीतितत्त्व

    डां° गंगाराम गगं · Jain Vidya, 1986

    “श्रपश्रंश कथा साहित्य में धनपाल कृत 'भविसयत्तकहा' का बड़ा महत्व है | भ्रपश्रंश साहित्य के अरन्वेषकों ने नगर, समुद्र प्रादि विभिन्न વાત, वात्सल्य, पगार एवं कर्ण रस के समन्वय तथा कथा-संगठन की दृष्टि से 'भविसयत्तकहा' को श्रेष्ठ कृति प्रमाणित किया है”
  9. भविष्यदत्तकथा-विषयक साहित्य एक श्रनुशीलन

    डॉ. कपूरचन्द जैन · Jain Vidya, 1986

  10. प्रारम्भिक

    प्रो. प्रवीणचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1986

  11. भविसयत्तकहा में जीवन का प्रतिबिम्ब

    डॉ. गजानन नरसिंह साठे · Jain Vidya, 1986

  12. प्रास्ताविक

    Jain Vidya, 1986