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धनपाल

12 articles in the archive discuss धनपाल, from Jain Vidya (1985–1988). Open any article for its summary, citation and original PDF.

12 articles

Articles discussing धनपाल

  1. भविसयत्तकहा में नीतितत्त्व

    डां° गंगाराम गगं · Jain Vidya, 1986

    “श्रपश्रंश कथा साहित्य में धनपाल कृत 'भविसयत्तकहा' का बड़ा महत्व है | भ्रपश्रंश साहित्य के अरन्वेषकों ने नगर, समुद्र प्रादि विभिन्न વાત, वात्सल्य, पगार एवं कर्ण रस के समन्वय तथा कथा-संगठन की दृष्टि से 'भविसयत्तकहा' को श्रेष्ठ कृति प्रमाणित किया है”
  2. भविसयत्तकहा का साहित्यिक महत्त्व

    Jain Vidya, 1986

  3. भविष्यदत्तकथा-विषयक साहित्य एक श्रनुशीलन

    डॉ. कपूरचन्द जैन · Jain Vidya, 1986

  4. भविसयत्तकहा का धार्मिक परिवेश

    श्री भीयांशकुमार सिघई · Jain Vidya, 1986

  5. प्रास्ताविक

    Jain Vidya, 1986

  6. भविसयत्तकहा में जीवन का प्रतिबिम्ब

    डॉ. गजानन नरसिंह साठे · Jain Vidya, 1986

  7. भविसयत्तकहा का कथारूप

    Jain Vidya, 1986

  8. प्रारम्भिक

    प्रो. प्रवीणचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1987

  9. कविमनीषी योगीन्दु का काव्यशास्त्रीय मूल्यांकन

    Jain Vidya, 1988

  10. प्रारम्भिक

    Jain Vidya, 1985

  11. आरम्भिक

    Jain Vidya, 1985

  12. प्रकाशकीय

    Jain Vidya, 1986