Articles discussing गजपुर
भविसयत्तकहा में जीवन का प्रतिबिम्ब
डॉ. गजानन नरसिंह साठे · Jain Vidya, 1986
“भविष्यदत्त को मणिभद्र यक्षने गजपुर पहुंचा दिया । उसके सदूमाव से उसकी सम्पदा प्रौर स्त्री की उसे पुनः प्राप्ति हुई श्रौर गजपुराधिप भूपाल ने भ्रपराधियों को दण्डित करते हुए भविष्यदत्त को सम्मानित किया”
अपभ्रंश का शिखर महाकाव्य भविसयत्तकहा
डॉ० शरीरंजन सूरिदेव, धनपाल · Jain Vidya, 1986
भविसयत्तकहा का धार्मिक परिवेश
श्री भीयांशकुमार सिघई · Jain Vidya, 1986