Articles discussing सुदंसणचरिड
ध्रारम्भिक
प्रो. प्रवीणचन्द्र जैन, मुनि नयनन्दी, डॉ. कमलचन्द्र सौगानी · Jain Vidya, 1987
सुदंसणचरिउ का काव्यात्मक वैभव
डॉ. देवेन्द्रकुमार शास्त्री · Jain Vidya, 1987
“इन कथात्मक काव्यों में प्रस्तुत. मुनि नयनंदी विरचित 'सुदंसणचरिड' श्रपभ्रंश का एक विशिष्ट काव्य है”