Articles discussing देवागम स्तोत्र
जैन-न्याय के उन्नायक : भट्ट अकलंकदेव
डॉ. राजेन्द्रकुमार बंसल · Jain Vidya, 1999
“अकलंकदेव ने देवागम स्तोत्र पर अष्टशति एवं तत्त्वार्थ- सूत्र पर तत्त्वार्थवार्तिक भाष्य लिखे, लघीयस्त्रय, न्यायविनिश्चय, प्रमाण संग्रह आदि मौलिक ग्रंथ लिखकर, जैन-म्याय જા भव्य प्रासाद निर्मित किया और बौद्धादि मान्यताओं का निरसन किया।”
आचार्य समन्तभद्र और उनकी कृति आप्तमीमांसा/ देवागम स्तोत्र
डॉ. रमेशचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1996
“आचार्य समन्तभद्र द्वारा प्रणीत रचनाएं निम्नलिखित मानी जाती हैं - 1. वृहत्स्वयम्भू स्तोत्र 2. स्तुतिविद्या 3. आप्तमीमांसा યા देवागम स्तोत्र 4. युक्त्यनुशासन 5. ... रत्नकरण्ड श्रावकाचार 6. जीवसिद्धि 7. प्रमाण पदार्थ 8. त्वानुशासन 9. प्राकृत व्याकरण 10. कर्मप्राभृत टीका”
सम्पादकीय
Jain Vidya, 1999