Articles discussing पण्डित आशाधरजी
पण्डित आशाधरजी द्वारा प्रयुक्त पारिभाषिक शब्दावली और उनकी विवेचना
सागारधर्मामृत में भक्ष्य-अभक्ष्य का विवेचन
श्रीमती अर्चना प्रचण्डिया · Jain Vidya, 2001
“पण्डित आशाधरजी मांस को सर्वप्रकार से अभक्ष्य पदार्थों में स्वीकारते हैं। इनकी दृष्टि में मांस लोहू- वीर्य-विष्ठा जैसे घृणित पदार्थो से विनिर्मित है।”
पण्डित श्री आशाधरजी कौ दृष्टि में 'अध्यात्म-योग-विद्या'
डॉ. राजेन्द्रकुमार बंसल · Jain Vidya, 2001