Articles discussing भोजराज
पण्डित प्रभाचन्द्र
श्री रमाकान्त जैन, पण्डित प्रभाचन्द्र · Jain Vidya, 2010
“इसका भावार्थ है कि શ્રી धाराधीश भोजराज के मुकुट में जड़ी મળિયો की रश्मियों की कान्ति से जिनके चरण-कमलों की श्री कस्तूरी-चन्दन लेप के समान भासित होती थी (अर्थात् जिनके चरणों में मणिजटित मुकुटधारी धारा-नरेश भोजराज नमस्कार करते थे), जो न्यायरूपी कमलसमूह को मण्डित करनेवाले दिनमणि (मार्तण्ड) थे”
जयतु प्रभेन्दु सूरिः
आचार्य राजकुमार जैन · Jain Vidya, 2010