Articles discussing प्रमेयकमलमार्तण्ड
जयतु प्रभेन्दु सूरिः
आचार्य राजकुमार जैन · Jain Vidya, 2010
सम्पादकीय
Jain Vidya, 2010
““'प्रमेयकमलमार्तण्ड' की रचना प्रभाचन्द्र ने धारानगरी में निवास करते हुए श्री भोजदेव के राज्य में समस्त प्रमाण-प्रमेय के स्वरूप को समझनेवाले ग्रन्थ “परीक्षामुख' की टीका- स्वरूप की”
पण्डित प्रभाचन्द्र
आचार्य प्रभाचन्द्र के ग्रन्थों में 'तर्क प्रमाण' की अवधारणा
डॉ. राजकुमारी जैन · Jain Vidya, 2010