Articles discussing अकलंक
जिनशासन के प्रभावक आचार्य अकलंक
श्री रमाकान्त जैन · Jain Vidya, 1999
“अन्ततः पाटन के जैन पुस्तक भण्डार में उन्हें उक्त ग्रन्थ की प्रति प्राप्त હુર | इस ग्रन्थ को देखने पर विदित हुआ कि उक्त मंगल-श्लोक 'प्रमाणसंग्रह 'का मंगल-श्लोक है और इसके रचयिता अकलंक हैं”
सारस्वताचार्य समन्तभद्र : व्यक्तित्व और कर्तृत्व
प्रमाण-लक्षण-निरूपपमे प्रामाणमीमांसा का अवदान
Sagarmal Jain · Sambodhi, 1989
Jain Darshans ka Anya Darshanon se Dvirdh Avdaan (Hindi)
Sagarmal Jain · Sambodhi, 2011