Articles discussing पाणिनि
यास्क एवम् पाणिनि – काल तथा विषयवस्तु का अन्तराल
Vasantkumar M. Bhatt · Sambodhi, 2010
“अतः हम कहे सकते है कि पाणिनि વાજ के उत्तरवर्ती काल में ही प्रादुर्भूत हुए होंगे”
जैन संस्कृत व्याकरण परम्परा
Balram Shukla · Sambodhi, 2017
'संस्कृत की वैज्ञानिकता' तथा व्याकरणशास्त्र को पतंजलि की देन
Yogini Himanshu Vyas · Sambodhi, 2014
“'महाभाष्य' व्याकरण का युगप्रवर्तक ग्रन्थ है | यह ग्रन्थ पाणिनिकृत 'अष्टाध्यायी' की व्याख्या है, अत: इसकी सारी योजना उसी पर आधृत है | इसमें कुल ८५ ગાહિજ हैं।”
'Karttari' ke Sutron ki Samiksha
Kamleshkumar Ch. Choksi · Sambodhi, 2005
संस्कृत तथा फारसी के क्रियापदों में साम्य
Mohit Kumar Mishra · Sambodhi, 2018
प्राकृत भाषा : जितनी सहज उतनी सरल
Jaipal Vidyalankar · Sambodhi, 2010
बुद्धू से बुद्धिमान
सन्तराम वत्स्य · Jain Bharati, 2001