Articles discussing आचार्य पुष्पदन्त
भगवती सूत्र में परमाणु
Om Prakash · Jnana Desana, 2010
पंचस्तूपान्वयी भट्टारक श्री वीरसेन स्वामी
श्री कुन्दनलाल जैन · Jain Vidya, 1993
“इस तरह पंचस्तूपान्वयी भट्रारक आचार्य वीरसेन स्वामी की आचार्य पुष्पदन्त और भूतबलिकृत ' षद्खण्डागम' पर "धवला टीका" जो अपने आप में एक स्वतन्त्र, मौलिक ग्रन्यस्वरूप है, जैन वाङ्मय की દી नहीं अपितु भारतीय वाङ्मय की एक अनूठी और अद्भुत मौलिक कृति है”
आचार्य वीरसेन और उनकी कालजयी टीका 'धवला'
डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव · Jain Vidya, 1993