Articles discussing युक्त्यनुशासन
समन्तभद्र स्वामी का आयुर्वेद - विषयक कर्तृत्व
आचार्य राजकुमार जैन · Jain Vidya, 1996
आचार्य समन्तभद्र और उनकी कृति आप्तमीमांसा/ देवागम स्तोत्र
डॉ. रमेशचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1996
“आचार्य समन्तभद्र द्वारा प्रणीत रचनाएं निम्नलिखित मानी जाती हैं - 1. वृहत्स्वयम्भू स्तोत्र 2. स्तुतिविद्या 3. आप्तमीमांसा યા देवागम स्तोत्र 4. युक्त्यनुशासन 5. ... रत्नकरण्ड श्रावकाचार 6. जीवसिद्धि 7. प्रमाण पदार्थ 8. त्वानुशासन 9. प्राकृत व्याकरण 10. कर्मप्राभृत टीका”
संस्कृत शतक-परम्परा का आद्यशतक : जिनस्तुतिशतक
रत्नकरण्ड श्रावकाचार की पारिभाषिक शब्दावलि : प्रयोग और प्रयोजन
डॉ. महेन्द्रसागर प्रचंडिया · Jain Vidya, 1996