Skip to content

Text or work

आप्तमीमांसा

5 articles in the archive discuss आप्तमीमांसा, from Jain Vidya (1996–1996). Open any article for its summary, citation and original PDF.

5 articles

Articles discussing आप्तमीमांसा

  1. आचार्य समन्तभद्र और उनकी कृति आप्तमीमांसा/ देवागम स्तोत्र

    डॉ. रमेशचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1996

    “आचार्य समन्तभद्र द्वारा प्रणीत रचनाएं निम्नलिखित मानी जाती हैं - 1. वृहत्स्वयम्भू स्तोत्र 2. स्तुतिविद्या 3. आप्तमीमांसा યા देवागम स्तोत्र 4. युक्त्यनुशासन 5. ... रत्नकरण्ड श्रावकाचार 6. जीवसिद्धि 7. प्रमाण पदार्थ 8. त्वानुशासन 9. प्राकृत व्याकरण 10. कर्मप्राभृत टीका”
  2. समन्तभद्र के दर्शन में 'आप्त' की अवधारणा

    डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 1996

  3. संस्कृत शतक-परम्परा का आद्यशतक : जिनस्तुतिशतक

    डॉ. (कु.) आराधना जैन “स्वतंत्र' · Jain Vidya, 1996

  4. स्वामी समन्तभद्र की वाणी के आलोक में दैव और पुरुषार्थ

    डॉ. सूरजमुखी जैन · Jain Vidya, 1996

  5. रत्नकरण्ड श्रावकाचार की पारिभाषिक शब्दावलि : प्रयोग और प्रयोजन

    डॉ. महेन्द्रसागर प्रचंडिया · Jain Vidya, 1996