Articles discussing आशाधर
सम्पादकीय
Jain Vidya, 2001
““પં. आशाधर बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं असाधरण कवि થે । इनके अपरिमित ज्ञान को देखकर श्री मदनकीर्ति मुनि ने इन्हें પ્રજ્ઞા-પુસ્ઞ (ज्ञान का भण्डार) कहा है”
भगवती आराधना और संवेग रंगशाला
डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 2011
रत्नकरण्ड श्रावकाचार का प्रतिपाद्य
श्री राजीव प्रचंडिया · Jain Vidya, 1996
आचार्य शिवार्य-कृत 'भगवती आराधना' में समाधिमरण
डॉ. प्रेमचन्द्र रांवका · Jain Vidya, 2011