Articles discussing प्रभाचन्द्र
जयतु प्रभेन्दु सूरिः
आचार्य राजकुमार जैन · Jain Vidya, 2010
परीक्षामुख एवं प्रमेयकमलमार्त्तण्ड में 'अनुमान' की अवधारणा
डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 2010
भगवती आराधना और संवेग रंगशाला
डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 2011
ख्यातिवाद : प्रमेयकमलमार्तण्ड के प्रकाश में
डॉ. वीरसागर जैन · Jain Vidya, 2010
““ख्यातिवाद' प्रायः सभी भारतीय दर्शनों का एक प्रमुख विषय है, परन्तु जैन ग्रन्थों में इसका विस्तृत विवचेन मात्र प्रभाचन्द्राचार्य के 'प्रमेयकमलमार्त्ततड' एवं न्यायकुमुदचन्द्र में ही देखने को मिलता”
सम्पादकीय
डॉ. हीरालाल जैन, आचार्य अमितगति, आशाधर, पण्डित प्रभाचन्द्र, आचार्य शिवार्य, शिवकोटि, डॉ. ज्योतिप्रसाद जैन, अपराजित सूरि, श्री विजय, देवसेन, ब्रहमने · Jain Vidya, 2011
आचार्य शिवार्य-कृत 'भगवती आराधना' में समाधिमरण
डॉ. प्रेमचन्द्र रांवका · Jain Vidya, 2011
तत्त्वार्थवार्तिक में वर्णित सम्यग्दर्शन का वैशिष्ट्य
Pulak Goel · Jnana Desana, 2011
समन्तभद्र के दर्शन में 'आप्त' की अवधारणा
डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 1996
Jain Darshans ka Anya Darshanon se Dvirdh Avdaan (Hindi)
Sagarmal Jain · Sambodhi, 2011