Articles discussing उमास्वामी
अकलंकदेव कृत पुण्य और पाप का विवेचन
डॉ. सूरजमुखी जैन · Jain Vidya, 1999
युक्त्यनुशासनालंकार में प्रतिपादित नय
आचार्य समन्तभद्र : व्यक्तित्व और कर्तृत्व
डॉ. गुलाबचन्द्र जैन · Jain Vidya, 1996
तत्त्वार्थवार्तिक में वर्णित सम्यग्दर्शन का वैशिष्ट्य
Pulak Goel · Jnana Desana, 2011
मूलसंघाग्रणी मुनीदवर कुन्दकुन्दाचार्य
डॉ. ज्योतिप्रसाद जैन · Jain Vidya, 1990
जिनशासन के प्रभावक आचार्य अकलंक
श्री रमाकान्त जैन · Jain Vidya, 1999
अधोलोक या नरक का स्वरूप
Prof. R. R. Nandrawakar · Jnana Desana, 2008
आचार्य शिवार्य-कृत 'भगवती आराधना' में समाधिमरण
डॉ. प्रेमचन्द्र रांवका · Jain Vidya, 2011
आधुनिक भू-विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में जम्बूदीप और मेरुपर्वत
Rajkumar Nandgaonkar · Jnana Desana, 2011
जैनदर्शन की व्यावहारिकता
Veersagar Jain · Jnana Desana, 2011
आचार्य अमितगति की प्रासंगिकता: पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में
भीमती शकुम्तला जैन · Jain Vidya, 1993
आचार्य कुन्दकुन्द की दृष्टि में समय
डॉ. (श्रीमती) पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 1990
सम्पादकीय
परीक्षामुख एवं प्रमेयकमलमार्त्तण्ड में 'अनुमान' की अवधारणा
डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 2010