Articles discussing अकलंक देव
अकलंकदेव की कृति तत्त्वार्थवार्तिक
डॉ. रमेशचन्द जैन · Jain Vidya, 1999
युक्त्यनुशासनालंकार में प्रतिपादित नय
अकलंकदेव कृत पुण्य और पाप का विवेचन
डॉ. सूरजमुखी जैन · Jain Vidya, 1999
द्रव्य-पर्यायात्मक वस्तु ज्ञान का विषय
डॉ. राजकुमारी जैन · Jain Vidya, 1999
तत्त्वार्थवार्तिक में वर्णित सम्यग्दर्शन का वैशिष्ट्य
Pulak Goel · Jnana Desana, 2011
कलिकाल गणधर : आचार्य समन्तभद्र
डॉ. राजेन्द्रकुमार बंसल · Jain Vidya, 1996
समन्तभद्र के दर्शन में 'आप्त' की अवधारणा
डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 1996