Articles discussing तत्त्वार्थवार्तिक
अकलंकदेव की कृति तत्त्वार्थवार्तिक
डॉ. रमेशचन्द जैन · Jain Vidya, 1999
“तत्त्वार्थवार्तिक तत्त्वार्थसूत्र पर अकलंकदेव द्वारा अतिगहन, प्रखर दार्शनिकता और प्रौढ शैली में लिखी गई कृति है।”
तत्त्वार्थवार्तिक में वर्णित सम्यग्दर्शन का वैशिष्ट्य
Pulak Goel · Jnana Desana, 2011
तत्त्वार्थवार्तिक में प्रतिपादित मानवीय मूल्य
डॉ. सुरेन््रकुमार जैन ' भारती ' · Jain Vidya, 1999
“'मानवीय मूल्य ' तत्त्वार्थवार्तिक में खोजे जायें इसके पूर्व यह जान लेना आवश्यक है कि मानवीय अर्थात् ' मानव सम्बन्धी " मूल्य अर्थात् रचना के भीतर वर्तमान रहनेवाला ऐसा उद्देश्य जो उसे किसी सामाजिक आदर्श, व्यक्तिगत उच्चता आदि से जोड़े;”