Articles discussing मूलाचार
मूलाचार की टीकाएँ एवं उनकी पाण्डुलिपियाँ
Prem Suman Jain · Jnana Desana, 2008
“मूलाचार ग्रंथ जैन संघ में आचार-संहिता प्रदान करने वाला ग्रंथ है | अतः श्रमणों में इसकी लोकप्रियता रही है।”
श्वेताम्बर अर्धमागधी आगमों के अन्तर्गत प्रकीर्णिकों की कुछ गाथाओं का पाठ‑निर्धारण
K. R. Chandra · Sambodhi, 2001
“इस प्रकार स्पष्ट है कि किसी पद्म में 'मूलाचार' का पाठ छन््द और अर्थ की दृष्टि से उपयुक्त प्रतीत नहीं होता है तो कहीं पर मूलाचार'ं और नियमसार' के पाठ परवर्तीकाल के प्रतीत होते हैं ।”
आचार्य शिवार्य-कृत 'भगवती आराधना' में समाधिमरण
डॉ. प्रेमचन्द्र रांवका · Jain Vidya, 2011
आगम और आधुनिक परिप्रेक्ष्य में भ्रमणाचार
Shreyanshkumar Jain · Jnana Desana, 2010
मूलसंघाग्रणी मुनीदवर कुन्दकुन्दाचार्य
डॉ. ज्योतिप्रसाद जैन · Jain Vidya, 1990