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यूरोप

4 articles in the archive discuss यूरोप, from Jain Bharati (2000–2001). Open any article for its summary, citation and original PDF.

4 articles

Articles discussing यूरोप

  1. आध्यात्मिक अर्थशास्त्र की प्रस्तावना

    नन्दकिशोर आचार्य · Jain Bharati, 2001

    “नरहरि परीख ने इसीलिए आधुनिक अर्थशास्त्र के विकास को यूरोप द्वारा दुनिया की लूट के ओचित्य को प्रतिपादित करने वाला शास्त्र कहा है : जिस रूप में और जिस पद्धति से आज इस विषय की चर्चा होती है, अर्थात् आज जिसे अर्थशास्त्र कहा जाता है, उसका जन्म और विकास पिछले તીન सौ વર્ષો में हुआ”
  2. विज्ञान का दुरूपयोग क्यों

    डॉ. रश्मि मयूर, विनोद सेठ · Jain Bharati, 2000

  3. किसे कहें नीति

    Jain Bharati, 2000

  4. संयम की बात बजरिए भूकंप

    Jain Bharati, 2001