Articles discussing गौतम
Dharmacharan ka ek Paryay – Satyavani
Vasantkumar M. Bhatt · Sambodhi, 2004
भगवती सूत्र में परमाणु
Om Prakash · Jnana Desana, 2010
“परमाणु की शाश्वतता या अशाश्वतता के विषय में गौतम की जिज्ञासा को शांत करते हुए भगवान महावीर ने बताया कि परमाणु शाश्वत तथा अशाश्वत दोनों हैं, क्योंकि द्रव्य दृष्टि से परमाणु शाश्वत है, वह हमेशा रहा है और रहेगा भी, किंतु पर्याय दृष्टि से परमाणु अशाश्वत है।”
Uttaradhyayansutra mein Pratipadit Karma‑Mimansa
Kamal Kumar Jain · Sambodhi, 2004
रायकुमारचरिउ एक आद्यन्त जैन-काव्य
डॉ. गजानन नरसिंह साठे · Jain Vidya, 1985
नय, अनेकांत ओर स्याद्वाद
आचार्यश्री महाप्रज्ञ · Jain Bharati, 2001
हरिवंशपुराण
Jain Vidya, 1993
नैयायिक ज्ञान का साधन प्रत्यक्ष प्रमाण
Hemlata Srivastava · Sambodhi, 2006
“गौतम ने न्यायसूत्र में प्रत्यक्ष को परिभाषित करते हुए कहा है कि प्रत्यक्ष इन्द्रियार्थ-सन्निकर्षोत्पन्न ज्ञान है जो अव्यपदेश्य, अव्यभिचारी और व्यवसायात्मक होता है।”