Articles discussing विमलसूरि
जैन साहित्य में रामकथा
Alok Kumar Mishra · Jnana Desana, 2011
जैन रामकथाओं के परिप्रेक्ष्य पुष्पदन्त की रामकथा
सुशो प्रीति जैन · Jain Vidya, 1985
“। जैनरामकथा दो धारात्रों में उपलब्ध है ।* एक धारा मे विमलसूरि, रविषेण व स्वयंभू द्वारा मान्य શ્રોર दूसरी धारा में गुणाभद्र व पुष्पदन्त द्वारा मान्य कथाएं हैं”
सम्पादकीय