Articles discussing पिशल
प्रकाशकीय
कपूरचन्द पाटनी · Jain Vidya, 1985
“सन् 1902 में सर्वप्रथम प्रसिद्ध जमंन विद्वान् पिशल ने ““मारेरी श्नलिएव सुर केण्टिनस डेस अपभ्रेश” शीषेक एक निबंध लिख कर विद्वानों का ध्यान इस श्रोर श्राकषित किया”
आरम्भिक
Jain Vidya, 1985