Articles discussing रावण
जैन रामकथाओं के परिप्रेक्ष्य पुष्पदन्त की रामकथा
सुशो प्रीति जैन · Jain Vidya, 1985
जैन पुराणों में प्रतिबिम्बित सामाजिक एवं नैतिक जीवन मुल्य
Rajendra Kumar Bansal · Jnana Desana, 2010
अपभ्रंश के संवेदनशील महाकवि पुष्पदंत
डां० देवेन्रकुमार શાસ્ત્રी · Jain Vidya, 1985
लोकतंत्र की मर्यादाएं
Jain Bharati, 2001
बंधनमुक्ति-पर्व
Jain Bharati, 2000
सागारधर्मामृत में सप्तव्यसन : रूप-स्वरूप
श्री राजीव प्रचंडिया · Jain Vidya, 2001
बाल मन की गहराइयां
सरोज छाजेड़ · Jain Bharati, 2001