Articles discussing यशोधर
यशोधर का श्राख्यान गुरुकुल में व्याख्यान
नेमीचंद पटोरिया · Jain Vidya, 1985
“यह यशोधरचरित का श्राख्यान कवि की कल्पना-प्रसूत कृति नहीं । इसका श्राधार पूवं परिचित लगभग 75 रचनाएं हैं जिनमें यह कथानक वशित है”
यशस्तिलक के सन्दर्भ में अहिंसा
Prof. Gokul Chandra Jain · Jnana Desana, 2011
जसहरचरिउ का काव्य-वैभव
पुष्पदंत, परशुराम लक्ष्मण वैद्य, डॉ. हीरालाल जैन · Jain Vidya, 1985
“इस काव्य જી एक विशेषता यह है कि रचना के लगभग तीन शताब्दी बाद कृष्ण-पुत्र गन्धव कवि ने पंटूटन निवासी बीसल साहू के श्राग्रह पर इस काव्य में भेरवानेंद के राजकुल में प्रवेश, यशोधर के विवाह तथा सब पात्रों જે भव-भ्रमण જે वर्णन जोड़”
महाकवि पुष्पदन्त : व्यक्तित्व और कर्तृत्व
डां०° आदित्य प्रचण्डिया · Jain Vidya, 1985
महाकवि पुष्पदंत की रचनाओं की राजस्थान में लोकप्रियता
पं ध्न्पकम्द न्यायतीयथ · Jain Vidya, 1985
प्रारम्भिक
Jain Vidya, 1985
जसहरचरिउ केर सुहासिय-वयरााइं
पं. भंवरलाल पोल्याका · Jain Vidya, 1985