Articles discussing महाकवि वीर
जंबसामिचरिउ के यशस्वी महाकवि वीर का व्यक्तित्व
डॉ. महेन्द्रसागर प्रचंडिया · Jain Vidya, 1987
“महाकवि वीर प्रणीत ““जंबूसामिचरिउ” काव्य-कृति इस परम्परा में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है ।”
जम्बूस्वामीचरित विषयक जैनसाहित्य
महाकवि वीर की दार्शनिक दृष्टि
Jain Vidya, 1987
“महाकवि वीर श्रपश्ंश જે उन शीषस्थ साहित्यकारों में श्रग्रगण्य हैं जो श्रपनी एक मात्र कृति के कारण भ्रमरता का महनीय किरीट बांध चुके हैं”
महाकवि वीर और उनका जम्बूसामिचरिउ एक समीक्षात्मक अध्ययन
जंबसामिचरिउ के मंगल-प्रसंग एक व्याकरणिक विश्लेषण
डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 1987
““जंबूसामिचरिउ' महाकवि वीर द्वारा रचित एक उच्चकोटि का महाकाव्य है । यह વ્રવ્રંશ भाषा में निबद्ध है”