Skip to content

Dynasty, sect or group

जैनविद्या

19 articles in the archive discuss जैनविद्या, from Jain Vidya (1985–2001). Open any article for its summary, citation and original PDF.

19 articles

Articles discussing जैनविद्या

  1. हेमचन्द्र-प्राकृत-व्याकरण

    डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 1988

  2. जंबसामिचरिउ के मंगल-प्रसंग एक व्याकरणिक विश्लेषण

    डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 1987

  3. कर्मकाण्डी पण्डितप्रवर आशाधर

    Jain Vidya, 2001

  4. महापुराण के रामायण खण्ड की बिम्ब-योजना

    Jain Vidya, 1985

  5. इस अंक के सहयोगी रचनाकार

    डॉ० उदयचंद जैन · Jain Vidya, 1990

  6. पुष्पदंत की भाषा

    डॉ. कैलाशचन्द्र भाटिया · Jain Vidya, 1985

  7. प्राचार्य कुन्दकुन्द की देन

    डां° देवेन्द्कुमार शास्त्री · Jain Vidya, 1990

  8. हेमचन्द्र-अपभ्रन्श-व्याकरण सूत्र-विवेचन

    डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 1987

  9. तत्त्वार्थराजवार्तिक और कर्मबन्ध के प्रत्यय

    डॉ. (श्रीमती) कुसुम पटोरिया · Jain Vidya, 1999

  10. सुदंसणचरिउ में अलंकार-यौजना

    डॉ. गंगाराम · Jain Vidya, 1987

  11. कुन्दङ्कन्द साहित्य में सर्वज्ञ का स्वरूप

    पण्डित रतनचन्द भारित्ल · Jain Vidya, 1990

  12. आचार्य कुन्दकुन्द द्वारा प्रतिपादित अमृतकुम्भ और विषकुम्भ

    पं° जगन्मोहनलाल शास्त्री · Jain Vidya, 1990

  13. महाकवि पुष्पदंत का काव्यप्रतिभा

    Jain Vidya, 1985

  14. महाकवि पुष्पदंत की विचारदृष्टि एवं उपमानसृष्टि

    डं० श्रीमती पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 1985

  15. रोमिसुर की जयमाल एवं पाण्डे की जयमाल

    मुनि कनककीति, कवि g · Jain Vidya, 1985

  16. महाकवि वीर की दार्शनिक दृष्टि

    Jain Vidya, 1987

  17. योगसार का योग

    पं. भंवरलाल पोल्याका · Jain Vidya, 1988

  18. आचार्य कुन्दकुन्द और यथार्थ - प्रसद्‌ भृत व्यवहारनय

    Jain Vidya, 1990

  19. आणंदा

    Jain Vidya, 1985