Articles discussing जंबूसामिचरिउ
जंबसामिचरिउ का साहित्यिक मूल्यांकन
जंबूसामिचरिउ-छवि भली संवारी वीर कवि
Jain Vidya, 1987
इस अंक के सहयोगी रचनाकार
Jain Vidya, 1987
जंबूसामिचरिउ में छन्द-योजना
Jain Vidya, 1987
महाकवि वीर की दार्शनिक दृष्टि
Jain Vidya, 1987
जंबसामिचरिउ के नारी-पात्र
Jain Vidya, 1987
जंबसामिचरिउ के मंगल-प्रसंग एक व्याकरणिक विश्लेषण
डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 1987
““जंबूसामिचरिउ' महाकवि वीर द्वारा रचित एक उच्चकोटि का महाकाव्य है । यह વ્રવ્રંશ भाषा में निबद्ध है”