Articles discussing सुत्तपाहुड
अष्टपाहुडों का काव्यशास्त्रीय अध्ययन
डॉ. उदयचन्द्र जैन · Jain Vidya, 2013
मुनिराज ही जिनबिम्ब एवं जिनप्रतिमा
डॉ. (श्रीमती) कुसुम पटोरिया · Jain Vidya, 2013
“सुत्तपाहुड में उन्होंने निश्वेल तथा पाणिपात्र को ही जिनेन्द्र-कथित मोक्षमार्गं बताया है। वस्त्रधारी तीर्थकर भी हो तो मुक्त नहीं होता। नग्नलिंग ही मोक्षमार्गं है, अन्य सब उन्मार्ग हैं।”