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षट्खण्डागम

9 articles in the archive discuss षट्खण्डागम, from Jain Vidya, Jain Bharati (1990–2010). Open any article for its summary, citation and original PDF.

9 articles

Articles discussing षट्खण्डागम

  1. षट्खण्डागम और धवला में मार्गणास्थान की अवधारणा

    डॉ. राजवीरसिंह शेखावत · Jain Vidya, 1993

  2. सिद्धान्तचक्रवर्ती के 'गोम्मटसार' का कर्मकाण्ड : कर्मसिद्धान्त का प्रामाणिक सन्दर्भ

    विद्यावाचस्पति डॉ. श्रीरंजनसूरिदेव, आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती · Jain Vidya, 1997

  3. सम्पादकीय

    Jain Vidya, 1993

    “वीरसेन स्वामी ने कोई स्वतंत्र ग्रंथ नहीं लिखा । उन्होंने षट्खण्डागम के प्रथम પોચો खण्डो पर मुख्यतः प्राकृत भाषा મેં धवला टीका लिखी।”
  4. आचार्य वीरसेन और उनका ज्ञानकेन्द्र

    आचार्य राजकुमार जैन · Jain Vidya, 1993

  5. आचार्य प्रभाचन्द्र के ग्रन्थों में 'तर्क प्रमाण' की अवधारणा

    डॉ. राजकुमारी जैन · Jain Vidya, 2010

  6. सम्पादकीय

    Jain Vidya, 1997

  7. समयसार का दार्शनिक पृष्ठ

    डॉ. दरबारीलाल कोठिया · Jain Vidya, 1990

  8. क्रियावाद बनाम कर्मवाद

    Jain Bharati, 2001

  9. श्री वीरसेनाचार्य (आधुनिक न्यायशास्त्र के संदर्भ में )

    प्रोफेसर एल.सी. जैन, कु. प्रभा जैन · Jain Vidya, 1993

    “શ્રી वीरसेनाचार्य ने दिगम्बर जैन आगम ग्रंथों, षट्खण्डागम एवं कषाव प्राभृत की પૂર્વ सामग्री को अभूतपूर्व रूप में प्रस्तुत कर अप्रतिम लोक-कल्याण किया।”