Articles discussing आचार्य भिक्षु
भिक्षुकाल के प्रभावक अनशन
मुनि मदनकुमार · Jain Bharati, 2000
अध्यात्म और सामाजिकता : आचार्य भिक्षु की दृष्टि में
डॉ. दयानंद भार्गव · Jain Bharati, 2000
“आचार्य भिक्षु તે एक सिद्धांत दिया कि चाहे साध्य कितना ही उत्तम हो उसकी सिद्धि के लिए साधन भी उचित ही बरतना चाहिए”
संघ का अनुशासन
आचार्यश्री तुलसी · Jain Bharati, 2000
मर्यादा : अनुशासन का आधार
Jain Bharati, 2001
अनुशासन के मंन्रदाता जयाचार्यं
आचार्यश्री महाप्रज्ञ · Jain Bharati, 2000
आतम रा कारज सारस्यां
Jain Bharati, 2001
“आचार्य भिक्षु ने अनुभव किया कि एक नेतृत्व के अभाव में દી धर्मसंघों मे शिथिलता आती है, इसलिए उन्होंने तेरापंथ धर्मसंघ की भित्ति दृढ़ मौलिक मर्यादाओं की नींव पर खड़ी की, जिनमें पहली मर्यादा रही--“एक गुरु एक विधानः”
मैत्री : दृष्टि का रूपांतरण
आचार्यश्री महाप्रज्ञ · Jain Bharati, 2000
दो कालजयी नक्षत्र
साध्वी मुदितयशा · Jain Bharati, 2001
साधन-साध्य : एक मीमांसा
आचार्यश्री तुलसी · Jain Bharati, 2001
पुण्य मीमांसा
मुनि रमेशकुमार · Jain Bharati, 2001
बुद्धू से बुद्धिमान
सन्तराम वत्स्य · Jain Bharati, 2001
क्षमा की सरिता : निमज्जन के क्षण
मुनि मदनकुमार · Jain Bharati, 2000
स्वाध्याय: चेतना विकास का सूत्र
मुनि मदनकुमार · Jain Bharati, 2001
आहार : स्वाद नहीं साधना
Jain Bharati, 2001
अहंकार और ममकार के विसर्जन का महोत्सव
Jain Bharati, 2001
श्रमण कौन
समणी सत्यप्रज्ञा · Jain Bharati, 2001
बाल मन की गहराइयां
सरोज छाजेड़ · Jain Bharati, 2001