Articles discussing भरत
जैन पुराणों में प्रतिबिम्बित सामाजिक एवं नैतिक जीवन मुल्य
Rajendra Kumar Bansal · Jnana Desana, 2010
महाकवि पुष्पदन्त : व्यक्तित्व और कर्तृत्व
डां०° आदित्य प्रचण्डिया · Jain Vidya, 1985
महाकवि पुष्पदंत के आदिपुराण की एक सचित्र पाण्डुलिपि
राँ कस्तू रचन्द कासलीवाल · Jain Vidya, 1985
रायकुमारचरिउ एक आद्यन्त जैन-काव्य
डॉ. गजानन नरसिंह साठे · Jain Vidya, 1985
गीता और कालिदास
Gautam Patel · Sambodhi, 1974
संस्कृत जैन संधानकाव्य : एक अनुशीलन
Shreyanshkumar Jain · Jnana Desana, 2008
तीर्थकर एवं मंगलमय-भगवान महावीर
श्रीदयानन्दचरितममहाकाव्यम्: एक समीक्षा
Hemvati Nandan Sharma · Sambodhi, 2018
महाकवि पुष्पदंत का दार्शनिक ऊहापोह
डा० भागचद जन “भास्कर · Jain Vidya, 1985
जंबसामिचरिउ के यशस्वी महाकवि वीर का व्यक्तित्व
डॉ. महेन्द्रसागर प्रचंडिया · Jain Vidya, 1987
आत्मविजय का नीतिशास्त्र
डॉ. बलवंत जानी · Jain Bharati, 2001
महाकवि पुष्पदंत की विचारदृष्टि एवं उपमानसृष्टि
डं० श्रीमती पुष्पलता जैन · Jain Vidya, 1985