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Dynasty, sect or group

श्रमण

12 articles in the archive discuss श्रमण, from Jain Vidya, Jnana Desana, Jain Bharati and other journals (1988–2013). Open any article for its summary, citation and original PDF.

12 articles

Articles discussing श्रमण

  1. अष्टपाहुड में श्रमण और श्रमणाभास

    डॉ. (कु.) आराधना जैन · Jain Vidya, 2013

    “अष्टपाहुड में श्रमण का स्वरूप मूलाचार या श्रमणाचार के ग्रन्थों मे वर्णित स्वरूपवत् न होकर प्रकीर्णक रूप में यत्र-तत्र बिखरा हुआ है।”
  2. प्रवचनसार का सार

    डॉ. प्रेमचन्द रॉवका · Jain Vidya, 1990

  3. आगम और आधुनिक परिप्रेक्ष्य में भ्रमणाचार

    Shreyanshkumar Jain · Jnana Desana, 2010

    “जैनागम में श्रमण के आचार को निश्चय-व्यवहारचारित्र के रूप में प्रतिपादित किया गया”
  4. भारतीय परपरा में सन्यास

    साध्वी पीयूषप्रभा · Jain Bharati, 2001

    “भगवान महावीर ने कहा कि कोई केवल मुंडित होने से श्रमण नहीं होता, किंतु जो समत्व की साधना करता है वही वस्तुतः श्रमण होता है।”
  5. सम्पादकीय

    डॉ. कमलचन्द सोगाणी · Jain Vidya, 2013

  6. अप्प दीपो भव

    वीरेन्द्रकुमार जैन · Jain Bharati, 2001

  7. दार्शनिक व्याख्याता कुन्दकुन्दाचार्य के विचार और विवेचना

    डॉ. झादित्य प्रचण्डिया · Jain Vidya, 1990

  8. स्वातंत्र्य चेतना : जैन चितन

    साध्वी श्रुतयशा · Jain Bharati, 2000

  9. अष्टपाहुडों का काव्यशास्त्रीय अध्ययन

    डॉ. उदयचन्द्र जैन · Jain Vidya, 2013

  10. कषाय विवेचना

    Jain Bharati, 2001

  11. प्रास्ताविक

    Jain Vidya, 1988

  12. Karmabandh aur Uske Karan

    Shekhar Chandra Jain · Sambodhi, 2003